➤ सीबीएसई संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों का लियन सुरक्षित रखने के निर्देश
➤ 140 सरकारी स्कूल आगामी सत्र से होंगे सीबीएसई से संबद्ध
➤ एक मार्च से लागू होगी ‘नो मोबाइल फोन नीति’
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि सीबीएसई से संबद्ध किए जा रहे सरकारी स्कूलों में चयनित शिक्षकों के मूल कैडर में अधिकार सुरक्षित रखे जाएंगे। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि इन शिक्षकों का लियन सुरक्षित रखा जाए, ताकि उनकी पदोन्नति और सेवा से जुड़े अवसर प्रभावित न हों।
शिमला में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के 140 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा। पहले चरण में 99 स्कूलों को संबद्धता मिल चुकी है, जबकि शेष स्कूलों के लिए औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं।
मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने मौजूदा सेवा शर्तों में राहत देने तथा शेष सेवा अवधि की अनिवार्यता को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने के निर्देश दिए। इससे योग्य अधिकारियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने में सहूलियत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की पहचान अलग होगी। इन संस्थानों का अलग लोगो और यूनिफॉर्म कलर स्कीम निर्धारित की जाएगी, जिससे उनकी विशिष्ट पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वे स्वयं इन स्कूलों के शैक्षणिक स्तर की निगरानी करेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
बैठक में स्कूलों में लागू की जा रही ‘नो मोबाइल फोन नीति’ की भी समीक्षा की गई। यह नीति एक मार्च से लागू होगी। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएं, ताकि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



